108 और 102 एम्बुलेंस मजदूरों का धरना जारी, पूरे प्रदेश के मजदूरों को लामबंद करके इन मजदूरों की बहाली की लड़ाई तेज करने की तैयारी

शिमला

मजदूर संगठन सीटू के बैनर तले 108 व 102 एम्बुलेंस सेवा से नौकरी से निकाले गए मजदूरों ने अपनी बहाली व अन्य मांगों को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन एमडी कार्यालय कसुम्पटी शिमला के बाहर धरना दिया। धरने में ठियोग के विधायक राकेश सिंघा,सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,राज्य कोषाध्यक्ष अजय दुलटा,बालक राम,हिमी देवी,यूनियन संयोजक मनोहर लाल,सह संयोजक प्रवीण कुमार,दीपक कुमार,बालक राम,राजेश चंदेल,सोनम नेगी,यशपाल शर्मा,मुनीश कुमार,रजनीश कुमार,भूपेंद्र सिंह,धीरज धीमान,रंजीव कुठियाला,राम प्रकाश सहित भारी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

राकेश सिंघा व विजेंद्र मेहरा ने इन कर्मचारियों के आंदोलन को सीटू राज्य कमेटी की ओर से पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा है कि संगठन पूरे प्रदेश के मजदूरों को लामबंद करके इन मजदूरों की बहाली की लड़ाई को तेज करेगा। इस आंदोलन के तहत जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर मजदूरों की लामबंदी होगी। उन्होंने मैड स्वान फाउंडेशन कम्पनी प्रबंधन को चेताया है कि वह मजदूरों की सेवाओं को यथावत जारी रखे अन्यथा उसके खिलाफ प्रदेशव्यापी मोर्चाबंदी होगी।

108 एवम 102 कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन संयोजक मनोहर लाल व सह संयोजक प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया है कि कई वर्षों से कार्यरत दो सौ से ज़्यादा पायलट,ईएमटी व कैप्टन सहित एम्बुलेंस कर्मियों को बेवजह गैर कानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कम्पनी भी पूर्व कम्पनी जीवीके के नक्शेकदमों पर आगे बढ़ रही है। कॉन्ट्रैक्ट बदलने पर सैंकड़ों मजदूरों की छंटनी कर दी गयी है व उनकी जगह भाई-भतीजावाद व सिफारिश के आधार पर नई नियुक्तियां कर दी गयी हैं। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग इस सब पर खामोश है। उन्होंने मांग की है कि नौकरी से निकाले गए मजदूरों को तुरन्त बहाल किया जाए। माननीय उच्च न्यायालय व माननीय न्यायालय शिमला दोनों के निर्णय अनुसार मजदूरों को वेतन दिया जाए। मजदूरों का स्थानांतरण दूसरे जिलों में किया जाए। इन कर्मचारियों को तुरन्त नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। सभी प्रकार के श्रम कानून लागू किये जाएं।