August 10, 2026

शिमला के युवा नेता गौरव शर्मा ने थामा आम आदमी पार्टी का दामन

शिमला

पंजाब में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत से प्रदेश के आप कार्यकर्ताओं को नई संजीवनी मिली है । पंजाब के चुनावी रण में मिली इस ऐतिहासिक विजय ने हिमाचल में आप कार्यकर्ताओं के चेहरों पर जोश और उमंग बिखेर बुझे हुए चेहरों को नवीन जज्बे की संजीवनी देने का काम किया है। उधर राजनीतिक गलियारों की कई हस्तियां आप में शामिल होने की बात जोह रही हैं नगर निगम चुनाव और वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की आहट अनेक नेताओं को आम आदमी पार्टी के दरवाजे पर दस्तक दे जाने की ओर लालायित कर रही है । इसी बीच कभी भाजपा के समर्थक रहे शिमला के गौरव शर्मा ने भी शनिवार को आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है । 36 वर्षीय गौरव शर्मा के जीवन पर प्रकाश डाला जाऐ तो शिमला में जन्में गौरव शर्मा की शिक्षा दीक्षा भी शिमला से ही हुई । उन्होंने वाणिज्य विषय में बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बैचलर ऑफ कॉमर्स,एलएलबी व बीजेएमसी, एमबीए, एमजेएमसी जैसी महत्वपूर्ण डिग्रीयां हासिल की। वे स्कुली शिक्षा के समय से ही राजनिति से प्रभावित रहे इसी आकर्षण के चलते वे दूसरों की मदद और सामाज सेवा कार्यों की ओर अग्रसर होने लगे थे । ऐसे में गौरव शर्मा ने कोटशेरा माहाविद्यालय में एससीए के अध्यक्ष का चुनाव लड़कर भारी बहुमत से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की तो वहीं दूसरी ओर वे “सुन्नी भज्जी छात्र संगठन” के अध्यक्ष भी रहे उस समय इस संगठन के अन्तर्गत करसोग का भी आधा क्षेत्र आता था। इस समय से ही वे एक युवा नेता के तौर पर उभर कर सामने आए और महाविद्यालय से अपनी B.Com की डिग्री पास करने के बाद भारतीय जनता पार्टी से नगर निगम शिमला के चुनाव में पार्षद के पद पर जीत हासिल कर उन्होंने युवा नेता होने का तमगा हासिल किया । अपने पार्षद कार्यकाल के समय में उन्होंने अपने क्षैत्र का चहुमुखी विकास करने के साथ अन्य क्षेत्रों के विकास मे भी अपनी महत्वपुर्ण भुमिका को निभाया । इसके बाद गौरव शर्मा ने शिमला ग्रामीण से हिमाचल प्रदेश के छः बार के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के खिलाफ विधायक का चुनाव भी लडा़। गौरव शर्मा बाल्य काल से स्वयंसेवक और प्रशिक्षित स्वयंसेवक भी रहे ।