August 11, 2026

बीबीएन मजदूरों ने यूनियनों के पंजीकरण व श्रम कानूनों को लेकर श्रम कार्यालय झाड़माजरी पर किया प्रदर्शन

शिमला
सीटू जिला कमेटी के आह्वान पर बीबीएन के मजदूरों ने सीटू के बैनर तले यूनियनों के पंजीकरण व श्रम कानूनों को लेकर श्रम कार्यालय झाड़माजरी पर जोरदार प्रदर्शन किया। सीटू ने चेताया है कि अगर श्रम विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली दुरुस्त न की तो 15 मार्च को मजदूर बीबीएन में विराट प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिलाध्यक्ष मोहित वर्मा, उपाध्यक्ष ओमदत्त शर्मा, महासचिव एन डी रणौत, दलजीत सिंह, मनदीप, रवि, अनिल, सुरेश, रविन्द्र, दीप राम, कुशाल, प्रमोद, जितेंद्र साहू, प्रदीप, गुरदेव, राजेन्द्र, धर्मेंद्र, रोहित कटयाल, कुलदीप, सतेंद्र रमेश, रामचन्द्र, चंदन, महेंद्र सहित सैकड़ों मजदूर शामिल रहे।

ग्यारह बजे से शुरू हुआ मजदूरों का प्रदर्शन दोपहर दो बजे तक चला। सीटू कार्यकर्ता श्रम विभाग की कार्यप्रणाली से काफी खफा नज़र आए। वे तीन घण्टे तक जोरदार नारेबाजी करते रहे। इस दौरान श्रम मंत्री कर्नल डॉ धनी राम शांडिल की बैठक में मौजूद श्रम अधिकारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट व श्रम निरीक्षक अमित ठाकुर को बैठक छोड़कर आना पड़ा व सीटू प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। सीटू नेताओं ने मांगों का तुरन्त समाधान मांगा जिस पर श्रम अधिकारी ने मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला महासचिव एन डी रणौत, ओमदत्त शर्मा, मोहित वर्मा व दलजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए आरोप लगाया कि बीबीएन का श्रम कार्यालय उद्योगपतियों के इशारों पर कार्य कर रहा है व कई-कई सालों तक यूनियनों का सत्यापन करने में आनाकनी कर रहा है। श्रम कार्यालय की इस लचर व पक्षपातपूर्वक कार्यप्रणाली के कारण मजदूरों को अपनी यूनियन का पंजीकरण करवाना लगभग नामुमकिन हो गया है। श्रम विभाग पूरी तरह पूंजीपतियों की गोद में बैठ गया है व मजदूरों की न्याय हासिल करने की उम्मीदें खत्म हो गयी हैं। मजदूरों के मांग-पत्र भी सालों से श्रम कार्यालयों की फाइलों में धूल फांक रहे हैं। श्रम कार्यालय की लचर कार्यप्रणाली व मिलीभगत के कारण उद्योगपति मजदूरों को पीड़ित कर रहे हैं। उन्हें यूनियन बनाने पर नौकरी से निकाला जा रहा है अथवा उनका प्रदेश से बाहर स्थानांतरण किया जा रहा है। कम्पनी व ठेका मजदूरों का मालिकों द्वारा भरपूर शोषण किया जा रहा है परन्तु श्रम विभाग मौन है। श्रम विभाग के अधिकारी मात्र इंस्पेक्शन करके अपनी डयूटी से पल्ला झाड़ रहे हैं व कम्पनी प्रबंधनों द्वारा श्रम कानूनों की अवहेलना पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेताया है कि अगर मजदूरों की मांगों का तत्काल समाधान न हुआ तो बीबीएन के मजदूर 15 मार्च को बीबीएन में विशाल प्रदर्शन करेंगे।