शिमला
शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में ‘कविकुंभ’-शब्दोत्सव एवं ‘बीइंग वुमन’ स्वयं सिद्धा सम्मान समारोह आयोजित किया गया । इस भव्य आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से शीर्ष कवि-साहित्यकारों के साथ ही, बड़ी संख्या में ऐसी स्वयं सिद्धा महिलाएं भी समादृत होने के लिए उपस्थित रही जिन्होंने जीवन के विभिन्न कार्यक्षेत्रों में अपनी प्रतिभा एवं कुशल श्रम से समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
मासिक साहित्यिकी ‘कविकुंभ’ की संपादक एवं ‘बीइंग वुमन’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीता सिंह के प्रयासों से महिला सम्मान और उत्थान को बल देने वाले इस सम्मान समारोह में शब्दोत्सव के उद्घाटन सत्र के दौरान प्रसिद्ध कवि उपेंद्र कुमार के रचना कर्म पर केंद्रित ‘कविकुंभ’ के सितंबर अंक-विशेष का लोकार्पण किया गया।
उपेंद्र कुमार की शब्द यात्रा पर प्रथम सत्र उनके उदबोधन से शुरू हुआ ।
उसके बाद परिचर्चा-सत्र में “साहितियक एवं पत्रकारिता के अंतरसम्बंध'” कल आज और कल विषय पर हिसार से आए हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष कमलेश भारतीय, प्रतिष्ठित कवि लीलाधर जगूड़ी, हेमराज कौशिक, मदन कश्यप, सुदर्शन वशिष्ठ, देवशंकर नवीन, राजेंद्र राजन, मोहम्मद इरफान, कवयित्री इला कुमार आदि ने परिचर्चा में भाग लिया।
इस दौरान प्रसिद्ध कवि लीलाधर जगूड़ी ने सफल लेखक बनने के लिए अस्वीकृति का दंश झेलने को आवश्यक करार देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कोई संपादक या प्रूफ रीडर नहीं होता और कुछ एक तारीफों की नोटिफिकेशन महान कवि होने का प्रमाण नहीं होती ।
इस दौरान पाठ-सत्र, संवाद-सत्र, थियेटर, गीत-नृत्य-संगीत, परिसंवाद, काव्योत्सव और स्वयं सिद्धा सम्मान से प्रसिद्ध अभिनेत्री प्रतिभा सुमन, शोभा अक्षर, देवकन्या ठाकुर व शिमला से वंदना भागरा सहित देश की 18 प्रतिष्ठित महिलाओं को शिखर सम्मान, सृजन सम्मान, नव-सृजन सम्मान, वरिष्ठ नागरिक सम्मान से समादृत किया गया ।
संवाद-सत्र में ‘स्वातंत्र्य अमृत-वर्ष में साहित्य और पत्रकारिता की संभावनाएं’ विषय पर सुदर्शन वशिष्ठ, राजेंद्र राजन, राकेश रेणु, डॉ देवेंद्र गुप्ता आदि ने अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए
इस सम्मान समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत करने पहुंचे मशहूर फ़िल्म अभिनेता एवं थियेटर कलाकार यशपाल शर्मा व उनकी धर्म पत्नि व अभिनेत्री प्रतिभा सुमन का आगमन, इस सम्मान समारोह को चार चांद लगाते हुए सबके उत्साह में वृद्धि करने वाला रहा ।
इस दौरान बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा ने अपने शिमला आगमन पर खुशी जताते हुए कहा कि हमें साहित्य की ओर भी ध्यान देना चाहिए । इस दौरान यशपाल शर्मा ने “पंखुरी पंखुरी हम बिखर जाएंगे” काव्यपाठ पढ़ कर सबकी वाहवाही लूटी । बॉलीवुड अभिनेता ने कहा कि वे अब प्रोडक्शन पर भी ध्यान देने लगे हैं ओर देश की नामी और हुनरमंद हस्तियों के साथ अपनी वेब सीरीज पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत तभी रंग लाती है जब विषय अच्छा हो । कार्यक्रम के उपरांत यशपाल शर्मा ने शिमला के रिज और माल रोड पर चहलकदमी कर शिमला की खूबसूरती निहारी ।
इससे पूर्व काव्योत्सव में प्रशांत रवि रमन, जगदीश बाली, श्रीविलास सिंह, यतीश कुमार, वीरू सोनकर, द्वारिका प्रसाद उनियाल, पूनम अरोड़ा, सुशीला पुरी, सुभाष वशिष्ठ, उषा राय, विवेक निराला, आत्मा रंजन, शशांक गर्ग, एस आर हरनोट, सीताराम शर्मा आदि ने आकर्षक काव्यपाठ किया।
सांयकाल के सत्र में ‘रंग-ए-फ़लक’ मुशायरे में हिमाचल प्रदेश एवं अन्य राज्यों के यशस्वी कवि-शायर अफ़ज़ल मंगलौरी,आसिफ कैफ़ी, फेमस खतौलवी,कस्तूरिका मिश्रा, नवनीत शर्मा, राशिदा बाकी हया, रमेश ढडवाल, नरेश दयोग, कुलदीप गर्ग तरुण, ध्रुव गुप्ता, रणवीर सिंह चौहान आदि ने अपने सुंदर कलाम प्रस्तुत किए।
इस स्वयंसिद्धा सम्मान समारोह में सोनिया आनंद रावत, जयंती रंगनाथन, प्रतिभा सुमन, गीता खुशबू अख्तर व रूबी पारीक को स्वयंसिद्ध शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया तो वहीं स्मिता पारिख , उमा त्रिलोक,अंजुला मुर्मू, वंदना भांगड़ा,मौली सेठ,पापोरी गोस्वामी, विमल ठाकुर,मधुलिका धर्मेंद्र, शुभा शर्मा, मीरा आर्या व साधना अग्रवाल को स्वयंसिद्ध सृजन सम्मान से नवाजा गया इसके साथ ही उमा त्रिलोक को वरिष्ठ नागरिक सम्मान जबकि देवकन्या ठाकुर व शोभा अक्षर को स्वयंसिद्ध नव सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया ।
यहां बता दें कि ये आयोजन प्रतिवर्ष कविकुंभ और बीइंग वुमन संस्था के संयुक्त तत्वाधान में वार्षिकोत्सव सम्मान समारोह के रूप में मनाया जाता है ।

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