भाजपा ने हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का किया स्वागत, मिठाई बांटकर जताई खुशी

शिमला

केन्द्रीय मंत्री मंडल द्वारा ट्रांसगिरी क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के फैसले पर हिमाचल भाजपा कमल की तरह खिल उठी है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आए इस बड़े फैसले से हिमाचल भाजपा जश्न मोड पर है, भाजपा नेताओं ने मिठाई बांटकर इस ऐतिहासिक फैसले की खुशियां मनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है ।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांस गिरी पार क्षेत्र में रहने वाला हाटी समुदाय पांच दशक से अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांग रहा था। उन्हीं की जैसी संस्कृति, परंपराओं और परस्पर संबंधों वाले जौनसार एवं बावर क्षेत्र के लोगों को 1967 में ही अनुसूचित जनजाति का दर्जा दे दिया गया था।
प्रदेश सरकार ने मई 2005 में इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा मगर यूपी सरकार ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद राज्य की कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया।
हिमाचल में जब बीजेपी की सरकार आई और प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री बने तो फिर कोशिश शुरू की गई। अगस्त
2011 में हाटी समुदाय की संस्कृति और स्थिति पर नई रिपोर्ट बनाने का काम शुरू किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 4 अगस्त 2018 को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री से ये विषय
उठाया। केंद्र से इस विषय पर ताजा एथनॉग्रफिक प्रस्ताव मांगा गया। एथनॉग्रफी का मतलब है. किसी समुदाय के रहन-सहन, खान-पान, संस्कृति और परंपराओं का अध्ययन।
हिमाचल सरकार ने नया एथनॉग्रफिक प्रस्ताव तैयार करके केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय को भेजा। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर 10 मार्च 2022 को केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र भेजकर आग्रह किया कि रजिस्ट्रार ऑफ इंडिया को हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के प्रस्ताव पर विचार करने के निर्देश दें।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में 11 मार्च 2022 को केंद्रीय गृहमंत्री से भेंट भी की। इसके बाद अप्रैल 2022 में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने ट्रांसगिरी क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की सहमति दे दी, और आज केंद्रीय कैबिनेट ने ट्रांसगिरी क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से करीब साढ़े तीन लाख लोग लाभान्वित होंगे। जनजातीय क्षेत्र का दर्जा मिलने से यहां के लोगों को विशेष योजनाओं का लाभ मिलेगा एवं अतिरिक्त फंड मिलेगा जिससे इस पिछड़े हुए क्षेत्र में विकास की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लगातार इस मामले को फॉलो किया और हमारे केंद्रीय नेतृत्व ने रास्ता दिखाया कि इस राह में आ रही तकनीकी दिक्कतों को कैसे दूर करना है। कश्यप ने कहा कि ये दिखाता है कि हम जो भी वादा करते हैं, उसे पूरा करते हैं। मुश्किलें आती हैं तो उन्हें व्यावहारिक रूप से हल किया जाता है। भाजपा समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए
कृतसंकल्प है।
सुरेश कश्यप ने इस दौरान हिमाचल प्रदेश खासकर सिरमौर की जनता को दिए इस ऐतिहासिक तोहफे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा का आभार व्यक्त किया ।
कश्यप ने कहा कि लोग पूछते हैं कि डबल इंजन क्या है, यह है डबल इंजन लेकिन जब-जब राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकारें थी तब-तब हिमाचल के हितों को नजरअंदाज किया गया। जनता जानती है कि उसके लिए कौन सही है कौन गलत। इसीलिए उसने तय कर लिया है कि इस बार रिवाज बदलना है।