डॉक्टरों की मांगों के आगे झुकी सरकार मांगे मानी, डॉक्टरों का आंदोलन स्थगित मरीजों को राहत

शिमला

हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री राजीव सहजल ,मुख्य सचिव, वित्त सचिव ,स्वास्थ्य सचिव की मौजूदगी में हुई वार्ता में मुख्यमंत्री द्वारा डॉक्टरों की मांगों को मानते हुए जल्द अधिसूचना जारी किए जाने के आश्वासन के बाद डॉक्टरों की जारी हड़ताल को स्थगित किए जाने का फैसला लिया है।
समिति अध्यक्ष डॉक्टर राजेश सूद और महासचिव डॉ पुषपेंद्र वर्मा द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई मांगों को मुख्यमंत्री ने बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुना और अधिकारियों को डॉक्टरों की मांगों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सक बेहद मेहनत करते हैं और उनको विकट परिस्थितियों में नौकरी करनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनकी पहली बार पीएचसी बालीचोकी में पोस्टिंग हुई तो उस समय वहां का टेबल और कुर्सी भी टूटी हुई थी जो उन्होंने स्वयं ठीक कराई । मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आने वाले नौजवान चिकित्सकों को अब नियमित आधार पर ही भर्ती किया जाएगा और हर वर्ष कोशिश की जाएगी के डॉक्टरों के लिए कमीशन में पर्याप्त मात्रा में सीटे निकाली जाएं। उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि जो चिकित्सक अनुबंध पर हैं उनके लिए एनपीए की नोटिफिकेशन भी जल्द से जल्द अधिसूचित की जाए । डॉक्टरों की सबसे बड़ी मांग जिसमें लिखा था कि उनके वेतन की सीलिंग को पंजाब के बराबर रखा जाए तो हिमाचल प्रदेश में जो सबसे ज्यादा वेतन की सीलिंग है वो 2,25,000 है वार्ता में चिकित्सकों के लिए यह सीलिंग अब बढ़ाकर 2,24,500 करने पर सहमति बनी साथ ही 20% नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस को भी 1 जनवरी 2022 से लागू किया जाने और एनपीए को बेसिक का हिस्सा मानने की बात कही। इसके साथ ही 4-9-14 के लिए अधिसूचना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जारी है और जारी ही रहेगी और इसकी अधिसूचना कर्मचारियों के लिए जल्द ही जारी कर दी जाएगी। वित्त सचिव ने बताया कि जब भी नया वेतन कमीशन शुरू होता है तो 4-9-14 को स्थगित कर फिर से नोटिफाई करना पड़ता है, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इसे लागू कर दिया जाएगा। चिकित्सकों का विशेषज्ञ भत्ता बढ़ाने की भी सहमति बनी साथ ही मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे डॉक्टर्स के लिए भी एकेडमिक भत्ता प्रदान करने की सहमति बनी। जिसके लिए स्वास्थ्य सचिव, विशेष स्वास्थ्य सचिव व संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश सूद, महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ,डॉक्टर प्रवीण चौहान, डॉक्टर विशाल जमवाल ,डॉ घनश्याम वर्मा ,डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज ,डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन इस कमेटी के सदस्य होंगे और यह कमेटी 8 हफ्तों के अंदर अपनी विस्तृत सिफारिशें सरकार को देंगी उसके बाद इन्हें लागू किया जायेगा। जिसकी अधिसूचना तुरंत जारी कर दी गई है। संयुक्त संघर्ष के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश सूद और महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 2 घंटे तक माननीय मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों की मांगों को बड़े ध्यान से सुना और उनका तुरंत समाधान निकाला साथ ही टेक्निकल कमेटी जिसमें की संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य होंगे को तुरंत अधिसूचित किया ।

उन्होंने सभी चिकित्सकों वेटरनरी डेंटल व तमाम मेडिकल फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल फ्रेटरनिटी के लिए सबने मिलकर जो एकता दिखाई है वह काबिले तारीफ है और हम सब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और हमेशा इनके लिए आगे भी जरूरत पड़ने पर लड़ते रहेंगे। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि मांगों के पूर्ण होने की अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन स्थगित किया जा रहा है।