छोटा शिमला प्राइमरी हेल्थ सेंटर के डॉक्टर व स्टाफ के व्यवहार ने जीता मरीजों का भरोसा, मरीज डॉ नीलम पठानिया व स्टाफ के दोस्ताना व्यवहार के हुए कायल

शिमला
ईश्वर के बाद धरती के भगवान कहलाने वाले डॉक्टर यदि पीड़ा झेलते मरीजों से अच्छा व्यवहार करें तो मरीज का आधा मर्ज स्वयं छू-मंतर हो जाता है ।
राजधानी में एक ऐसे ही डॉक्टर का मुस्कुराहट से परिपूर्ण व्यवहार और अपने नोबल प्रोफेशन के प्रति समर्पण भाव से प्रभावित होकर मरीज उनकी चिकित्सीय पद्धति के कायल होते जा रहे हैं ।

हम बात कर रहे हैं छोटा शिमला के प्राथमिक हेल्थ सेंटर की, जहां सेंटर इंचार्ज के पद पर कार्यरत डॉ नीलम पठानिया से इलाज करवाने के लिए आस पास के क्षेत्रों से ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं।
मरीज भी छोटा शिमला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मिल रहे इलाज से खुश दिखाई देते हैं । खुद की स्वास्थ्य जांच के लिए phc पहुंची स्वाति डॉ नीलम के साथ साथ सेंटर के पूरे स्टाफ की पूरे दिल से सराहना करती हैं । स्वाति का मानना है कि डॉ वही है जो मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें।
तो वहीं तहसील चौपाल निवासी बुजुर्ग शकुंतला देवी बड़े अस्पतालों का रुख न कर वर्षों से इलाज के लिए छोटा शिमला के इसी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचती हैं।
उधर डॉ नीलम का कहना है कि यहां जो भी मरीज आता है उसकी बेहतरी के लिए हमसे जो कुछ भी बन पड़ता है, चाहे वो सुपरवाइजर हो या हेल्थ वर्कर या फिर एनजीओ कर्मी स्टाफ का हर कर्मी अपने फर्ज को पूरे ईमान से निभाने का प्रयास करता है। डॉ नीलम कहती हैं कि डॉ ये नहीं चाहता कि उसे भगवान कहा जाए लेकिन डॉक्टर को अपना दोस्त समझें मरीज को ये समझना चाहिए कि डॉक्टर जो कर रहा है वो मरीज की भलाई के लिए ही कह रहा है डॉक्टर जो कहे मरीज को चाहिए कि वो उसका पालन करे।
सर्दियां खत्म हो गईं हैं और मार्च का महीना धीरे-धीरे गर्मियों की आहट के साथ गुजर रहा है। बदलते मौसम में बीमारी के अटैक से खुद को बचाए रखने के लिए सजग रहना जरूरी है । डॉ नीलम के अनुसार इन दिनों सेंटर में हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीजों की आमद में बढ़ोतरी दर्ज हुई है जो चिंता का विषय है साथ ही फेस्टिवल का भी समय है ऐसे में बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य की दृष्टि से हमें अतिरिक्त सजगता अपनानी चाहिए ।
कभी छोटा शिमला मस्जिद के समीप चलने वाला आज का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब 80 वर्षों से मरीजों को आराम पहुंचा रहा है । आज स्वास्थ्य विभाग के इस सेंटर का नाम हेरिटेज इमारतों की सूची में शामिल है। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, गुरुद्वारे और मस्जिद के ईश्वरीय तरंगों से घिरे छोटा शिमला स्थित इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाने क्या बात है कि यहां जिस भी चिकित्सक की नियुक्ति हुई वह अपने नोबल प्रोफेशन को चार चांद लगाते हुए अपने मरीज का विश्वास जीतने में कामयाब रहा है। छोटा शिमला का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले जिले के टॉप स्वास्थ्य सेंटरों की फेहरिस्त में शामिल है।