हिमाचल प्रदेश सरकार कोरोना काल में सेवाएं दे रहे 350 स्वास्थ्य कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने जा रही है। इसकी तैयारी कर ली गई है। इन कर्मचारियों की तैनाती आउटसोर्स पर की गई थी। इनमें डॉक्टरों के अलावा नर्स, फार्मासिस्ट और टेक्नीशियन शामिल हैं। कोविड-19 में इनकी सेवाएं सैंपल एकत्रित करने, बीमार लोगों का सर्वे करने के साथ सैंपल की जांच करने में लगाई गई थी। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर शांत हो रही है, लेकिन संभावित तीसरी लहर के चलते स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारियों की जरूरत रहेगी। ऐसे में सरकार ने इनकी सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में जब कोरोना ने विकराल रूप धारण किया था, उस समय स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों की कमी थी। सरकार ने आउटसोर्स पर कर्मचारियों की तैनाती करने का फैसला लिया था। यही नहीं, कर्मचारियों की सेवाएं पूरी होने के बाद भी उन्हें रिटायर नहीं किया गया। इनमें नर्सें और फार्मासिस्ट आदि शामिल थे। अब इन कर्मचारियों को रिटायर किया गया है, लेकिन अन्य आउससोर्स कर्मियों की सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया गया है।
उधर, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कोरोना के चलते स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में आधारभूत ढांचा विकसित किया है। अस्पताल में बिस्तरों से लेकर पर्याप्त स्टाफ है। हिमाचल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सरकार हिमाचल में ऑक्सीजन तैयार कर बाहरी राज्यों को भी दे रही है। कोरोना काल में आउटसोर्स में सेवाएं दे रहे कर्मियों को सेवा विस्तार दिया जा रहा है।

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