शिमला
अधिक मास सावन होने के कारण इस बार नारायण और शिव के संजोग से जो अधिक मास बन गया है उसका शास्त्रों में बहुत अधिक पुण्य लिखा गया है । जगह-जगह मंदिरों में भगवान की हो रही कथाएं सनातन धारणा के अनुसार अत्यधिक फल देने वाली हैं । सनातनी मान्यता के अनुसार यह मास अधिक मास, मल मास या फिर पुरषोत्तम मास भी कहलाता है ।
शिमला गंज बाजार राधा-कृष्ण मंदिर में शिवमहापुराण कथा वाचन कर रहे प्रसिद्ध पंडित सुरेश भारद्वाज के अनुसार स्वयं महालक्ष्मी के कहने पर नारायण भगवान ने इस मास का प्रादुर्भाव किया ।
श्रद्धालुगण भी तन मन धन से शिव भगवान को अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं ।
पंडित सुरेश भारद्वाज के अनुसार इस मास में शिवजी ही नहीं बल्कि नारायन भगवान भी इसके पुण्य को ग्रहण करने के लिए विराजमान हैं ।
सावन अधिक मास होने से और शिव जी को समर्पित होने से शिव महापुराण की महिमा अनंत गुणा बढ़ जाती है । प्रत्यक्ष है कि राधा-कृष्ण मंदिर में चल रही शिव-पुराण की कथा में श्रद्धालु बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं । कथा के मध्य ईश्वर के प्रति श्रद्धालुओं की सच्ची श्रद्धा ने उन्हें प्रफुल्लित कर दिया है । भक्ति में लीन भक्त अन्तरमन्न की खुशी से झूमने के लिए मजबूर हैं, उनका मनोभाव देखते ही बनता है ।
शिव महापुराण की कथा अगर कोई अनजाने में घड़ी दो घड़ी भी सुन ले तो उसका भी जन्म सफल हो जाता है।
सावन का महीना हो और अधिक मास और साथ में शिव महापुराण की कथा हो तो सोने पे सुहागा हो जाता है और राधा-कृष्ण के इस मंदिर में श्रद्धालुओं का विश्वास और उल्लास देख कर ऐसा प्रतीत होता है जैसे नारायण के साथ -साथ यहां साक्षात भगवान शंकर विराजमान हैं ।

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