शिमला
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा व महासचिव प्रेम गौतम ने कहा है कि बजट मजदूर,आउटसोर्स,मनरेगा,स्कीम वर्करज़, मल्टी परपज़ कर्मी, एसएमसी व कम्प्यूटर शिक्षक विरोधी है। मजदूरों के वेतन को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा गया। आउटसोर्स कर्मियों, एसएमसी व कम्प्यूटर शिक्षकों के लिए ठोस नीति नहीं बनी। मनरेगा मजदूरों को न्यूनतम दिहाड़ी नहीं मिली। मजदूरों की दिहाड़ी में 25 रुपये, आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील कर्मियों के वेतन में केवल 500 रुपये बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरा डालने जैसा है। प्लग एन्ड पले की थियोरी से स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार भी उद्योगपतियों के साथ है व इसका मजदूरों से कोई वास्ता नहीं।

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