30 जनवरी तक प्रभावित किसानों से मिलने का वायदा निभाए सरकार, वादाखिलाफी पर 15 फरवरी से जिला/उपमंडल स्तर पर होंगे धरना प्रदर्शन : भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच

शिमला

भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच द्वारा बी आर कौंडल की अध्यक्षता में गूगल मीट के माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया जिसमे शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, काँगड़ा व कुल्लू के 35 कमेटी सदस्यों ने भाग लिया और मंच के अध्यक्ष बी आर कोंडल ने सभी जिला स्तर के प्रभाबित किसानो का 14 दिसम्बर की धर्मशाला में आयोजित रैली में भारी संख्या में हिस्सा लेने के लिए सभी किसानो का धन्यबाद किया और विधानसभा के अन्दर राजस्व मंत्री मोहिंदर ठाकुर से अपनी मांगों को लेकर मिला जिसमे भूमि अधिग्रहण कानून,2013 को लागु करवाने ब चार गुना मुआबजा, पुनर्वास व पुनर्स्थापना के मुद्दे पर सरकार को 30 जनबरी तक जिला सत्रीय बैठक करने पर मजबूर होना पड़ा उन्होंने कहा कि हमारे इसी संघर्ष के कारण किसानो की जीत हुई है उन्होंने आने बाले दिनों में किसानो की एकजुटता बनाये रखने की अपील की ।

कुल्लू-मंडी से सह-सयोंजक, नरेश कुकू ने कहा की हमें उम्मीद है कि 27 दिसम्बर को प्रधानमंत्री मंडी आगमन पर जयराम ठाकुर को इस प्रकार का मंत्र कान में फूंक कर जाएंगे जिसमें किसानों की समस्याओं  का निदान किया जा सके ।
बैठक में सयोंजक जोगिन्दर वालिया ने कहा की संगठन को मज़बूत करने के लिए 30 जनबरी तक जिला/उपमंडल स्तर पर बैठके की जाएँगी और प्रभावित किसानो की सथानीय मांगो को जिलाधीश/ उपमंडल अधिकारी ब रास्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारीयो के समक्ष उठाया जायेगा और अगर सरकार 30 जनबरी तक प्रभावित किसानो जिला स्तर पर दिए गए मिलने के वायदे को पूरा नहीं करती है तो आने बाले 15 फरबरी के उपरांत जिला/उपमंडल स्तर पर धरना ब पर्दर्शन किए जाएंगे।

काँगड़ा से सह-सयोंजक, राजेश पठानिया ने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच जयराम सरकार से मांग करता है कि वो समय रहते हिमाचल में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 कों लागु करे और 1 अप्रैल,2015 की अधिसुचना कों निरस्त करे एवं प्रदेश में नई परियोजनायों जैसे एअरपोर्ट आदि को गैर कृषि भूमि व जहां पर न्यूनतम विस्थापन हो ऐसी साइट को वरीयता दी जाए, स्थानीय जनता के इज़मेंट राइट्स को सुनिश्चित किया जाए, मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए, मुआवजे का भुगतान अतिशीघ्र किया जाये, प्रस्तावित सड़क के बाहर परियोजना से प्रभावित मकानों, जमीन व बगीचे का नुकसान का मुआबजा दिया जाये ।

बिलासपुर से सह सयोंजक मदन शर्मा ने कहा कि रोड़ प्लान के अनुसार भूमि अधिग्रहण किया जाये तथा मिट्टी डम्पिंग के स्थान तय किये जाये व पहाड की तरफ स्टेप कटिंग की जाये, भूमि की निशानदेही कर पक्की बुरजियाँ लगाई जाएं, 50 मीटर टीसीपी लागु करने को योजना को निरस्त किया जाये, उच्च न्यायलय व मंडलीय न्यायलय में लंबित जमीन अधिग्रहण के मामलों की निर्धारित समय सीमा में सुनवाई कि जाए वर्ना आने वाले 2022 के चुनाव में जनता इस सरकार को चलता करेगी ।
अध्यक्ष बेलीराम कोंडल, सयोंजक जोगिन्दर वालिया के इलाबा मदन शर्मा(बिलासपुर) ,चन्दन मेहता (सोलन), नवीन मेहता, नरेश कुकू, शमी मदान, प्रेम ठाकुर (कुल्लू-मंडी), राजेश पठानियां,करण राणा, (काँगड़ा), जयशिव (शिमला), मंडी से फरमान , जितेंदर वर्मा, प्रशांत मोहन ,मोहिंदर व राज कुमार वर्मा आदि ने भी इस वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया।