शिमला
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा पूर्व की जयराम सरकार के लिए गए फैसलों को पलटने का क्रम लगातार जारी है । इसी कड़ी में मंगलवार को सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार ने पूर्व सरकार के फैसले को पलटते हुए नगर निगम शिमला के सात वार्ड रद्द कर दिए हैं । अब एक बार फिर नगर निगम शिमला के 41 वार्ड के बजाय 34 वार्ड ही होंगे। इस निर्णय के साथ ही नगर निगम शिमला के लंबित चुनाव का रास्ता भी साफ हो गया है । इस संबंध में मंगलवार को राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर की मंजूरी मिलने के साथ अध्यादेश की अधिसूचना भी जारी हो गई है ।अब संबंधित विधेयक बजट सत्र में पारित होगा।इस कड़ी में नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2023 लाकर प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1994 में भी संशोधन कर दिया है । पूर्व की जयराम सरकार ने नगर निगम में 7 नए वार्ड बनाए थे । इसके परिसीमन को लेकर विवाद चल रहा था और मामला न्यायालय तक चला गया था। ये नए वार्ड शांकली,लोअरखलीनी,विकासनगर,ब्रोकहोस्ट,कुसुम्पटी-2,ढींगूधार,लोअर कृष्णा नगर शामिल थे। इसके साथ ही अब वार्डों का आरक्षण रोस्टर भी दुबारा जारी होगा।
सरकार के इस फैसले के चलते जिला प्रशासन की ओर से चुनाव को लेकर अब तक की गई तैयारियां भी धरी की धरी रह गई हैं। सरकार नए सिरे से नगर निगम की चुनावी प्रक्रिया को शुरू करेगी।
यहां बता दें कि नगर निगम चुनाव जून 2022 में प्रस्तावित थे लेकिन नगर निगम चुनाव के समय पर नहीं हो पाने के चलते सरकार द्वारा शहर में विकासात्मक कार्यों को लेकर प्रशासक की तैनाती की गई है। मेयर-डिप्टी मेयर और पार्षदों का कार्यकाल 17 जून,2022 को पूरा हो चुका है।

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