शिमला
यूक्रेन और रूस के मध्य जारी युद्ध की स्थिति से पूरा विश्व के देश गहरी चिंता में हैं। अनेक कारणों के साथ साथ चिंता का एक विषय यूक्रेन में भारतीयों के फसें होने की भी है । ऐसे स्थिति में हिमाचल स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ रमेशचंद ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयान करते हुए लिखा है कि उनका बेटा राहुल भी यूक्रेन में है। वह वहां एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। डॉ रमेशचंद के अनुसार उनका बेटा राहुल थर्ड ईयर का स्टूडेंट है और व्हाट्सएप के जरिए उनकी राहुल से लगातार बात हो रही है। उन्होंने कहा कि राहुल जिस शहर में रहता है वहां से एयरपोर्ट 10 घंटे की दूरी पर स्थित है। ऐसे में एयरपोर्यट तक पहुंचने का निर्णय जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने दर्द जाहिर करते हुए कहा कि “यूक्रेन में अब आपातकाल लागू कर दिया गया है और यदि इंटरनेट बंद हुआ तो फिर आगे क्या होगा, वह कुछ कह नहीं सकते हैं।” डॉक्टर रमेश ने बताया कि बुधवार रात को उनकी बेटे से बात हुई थी । उन्हें बेटे की सुऱक्षा की काफी चिंता है । डॉ रमेश चंद ने भारत व प्रदेश सरकार से इस संबंध में जल्द से जल्द कोई रास्ता निकालने और सुरक्षित तरीके से बच्चों को वहां से निकाले जाने के पुख्ता प्रबंध कर उचित प्रक्रिया अमल में लाए जाने की अपील की है ।
युद्ध की विकट परिस्थितियों में यूक्रेन में फंसा हिमाचल स्वास्थ्य सेवाएं उपनिदेशक डॉ रमेशचंद का बेटा राहुल, भारत सरकार से सुरक्षित तरीके से वापिस लाए जाने की अपील की

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