सरकार का स्कूल खोलने का निर्णय तर्कसंगत नहीं,निर्णय पर हो पुनर्विचार, बच्चों की जान जोखिम में डालना नासमझी, बच्चों के वैक्सीनेट होने तक न खोले जाएं स्कूल : दिवाकर देव शर्मा

शिमला
स्कूली शिक्षा के सर्द ऋतु सत्र के आखिरी पड़ाव पर सरकार के स्कूल खोलने के निर्णय पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर निगम शिमला के मज्याठ वार्ड (7) के पार्षद व अधिवक्ता दिवाकर देव शर्मा ने सरकार के स्कूल खोलने के निर्णय को किसी भी सूरत में तर्कसंगत न बताकर किसी न किसी के हितार्थ लिया गया निर्णय करार दिया है ।
दिवाकर ने कहा कि सरकार जानती है कि 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बच्चे का अभी तक वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है इसके बावजूद सरकार का बच्चों को स्कूल बुलाने का निर्णय समझ से परे है ।
दिवाकर ने कहा कि वर्तमान में पर्यटन सीजन के इस समय में अभिभावक टेक्सी हायर करने की स्थिति में नहीं होंगे वहीं पर्यटकों की आमद के इस समय पर वैक्सीनेशन न होने के चलते बच्चे एक बड़ा करियर साबित हो सकते हैं । ऐसे में अभी स्कूल खोले जाने की कोई आवश्यकता नहीं थी ।
दिवाकर देव ने भारत सरकार से आग्रह करते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किए जाने की मांग करते हुए बच्चों के वैक्सीनेट न हो जाने तक स्कूल न खोले जाने की मांग की है । उन्होंने कहा कि 2 वर्षों से स्कूल बंद हैं स्कूल खुलने चाहिए मगर बगैर वैक्सीनेशन के बच्चों की जान जोखिम में डालने की कोई आवश्यकता नहीं है, बच्चों की सुरक्षा भी जरूरी है ऐसे में वैक्सीनेशन प्रक्रिया के बाद ही विद्यालयों को खोला जाना चाहिए ।