शिमला
पूरे भारत वर्ष के साथ साथ प्रदेश के शिवालयों में भी महाशिवरात्रि पर्व की धूम रही। इस पावन पर्व पर राजधानी के शिवालयों में भी श्रद्धालुगण सुबह से ही पूजा अर्चना के लिए लालायित दिखे। शिमला के रामनगर स्थित नवदेश्वर महादेव शिवालय में भी प्रातः से ही भक्तों ने महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूमधाम से मनाया । महिलाओं पुरुषों और बच्चों ने शिव की पूजा अर्चना कर नवदेश्वर महादेव को दूध व जल अर्पित कर सुखी जीवन की कामना की । इस पावन अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने जहाँ दिन भर भजन कीर्तन का आयोजन किया तो वहीं रात्रि में भी शिवालय में ओम नमः शिवाय के उच्चारण गूंजते रहे ।
मान्यता के अनुसार शंकर भगवान फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि को रात के समय लिंग रूप में अवतरित हुए थे और द्वादश ज्योतिर्लिंगों का प्रादुर्भाव हुआ था। मान्यता है कि शंकर भगवान और माता गौरी का विवाह भी इसी दिन हुआ था । इस दिन भक्तगण शंकर भगवान से सुख समृद्धि की विशेष प्रार्थना करते हैं ।
श्रद्धालु सुरेश सांख्यान ने कहा कि कोरोना के बाद बच्चों को अब कहीं जाकर धार्मिक समारोह में जाने का अवसर मिला है। शिवजी से यही कामना है कि जल्द इस महामारी का अंत हो ।
शिव के गूंजते स्वरों के बीच भोलेनाथ के विशेष चन्दन और तिलक मस्तक पर धारण कर श्रद्धालुगण ईश्वर के रंग में रंगे नजर आए। बच्चों और बड़ों में “उज्जैन चन्दन तिलक” की ओर विशेष आकर्षण देखा गया। बच्चों के मुस्कुराते चेहरों को निहार रहे माता-पिता के चेहरों पर भी विशेष खुशी छलकी।
कोरोनाकाल के बाद महाशिवरात्रि के इस पर्व पर श्रद्धालुओं ने शिव से कोरोना महामारी से निजात की प्रार्थनाएं कर एक दूसरे को महाशिवरात्रि पर्व का बधाई संदेश देकर प्रसाद ग्रहण किया ।

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