बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने किरतपुर-मनाली व अन्य फोर-लेन में चार गुणा मुआवजा न देकर हिमाचल के किसानों से किया विश्वासघात: भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच

शिमला
सयोंजक जोगिन्दर वालिया ने कहा कि पिछले कल पूर्व मुख्यमंत्री जयराम का यह कहना कि किरतपुर-मनाली व अन्य 4 फोर लेन बनने से पर्यटन एवं आम जनता को लाभ मिलेगा सही हे, लेकिन पूर्व की जयराम सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए की उनकी सरकार ने पिछले 5 सालों में फोर-लेन प्रभावितों किसानो की जमीन के सर्कल रेट कम करके एवं जमीन को कौड़ियों के भाव लेकर यंहा तक बिना चार गुणा मुआवजा दिए हिमाचल के किसानों के साथ विश्वासघात किया है और राष्ट्रीय उच्च मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए जमीन दे दी गई। देश के प्रधानमंत्री भी यह कहते रहे कि हम किसानो को चार गुणा मुआबजा देंगे और यंहा तक भूतल मंत्री नितिन गडकरी हिमाचल में यह कह गए कि अगर हिमाचल सरकार चार गुणा की अनुशंसा करती है तो हम चार गुणा मुआबजा देने के लिए तैयार हैं लेकिन पूर्व की जयराम सरकार टाल-मटोल व आना-कानी करती रही जिसका खामियाज़ा बीजेपी सरकार को बुरी तरह हार के रूप में देखना पड़ा I दूसरी तरफ किरतपुर-मनाली फोर लेन में अभी तक सुंदर नगर बाईपास, पंडोह बाईपास, नागचाला-पंडोह, नौलखा-डडोर सर्विस रोड का काम अभी तक अधुरा रह गया है और यंहा तक भूमिगत रास्ते, पैदल पथ, बस स्टैंड, हैण्ड पंप, टोल प्लाजा में राहत, सड़क किनारे पक्की नालियों आदि मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। जिसके कारण आम लोगो का चलना मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का अंदेशा बड़ गया है। अतः राष्ट्रीय उच्च मार्ग से मांग की जाती है कि आम लोगों को मूलभूत सुविधाएं अति शीघ्र उपलब्ध करवाई जाएं I
प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस की सुखविंदर सुक्खू सरकार को भी याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले चूनावों के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भी आश्वासन दिया था कि अगर उनकी सरकार आती है तो वे केंद्र सरकार से चार गुणा मुआबजा एवं हिमाचल में फोर लेन, रेलबे, हवाईअड्डे व अन्य में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागु करवाया जायेगा जिससे किसानो को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जा सके। अत: मंच द्वारा सुक्खू सरकार से मांग की जाती है कि हिमाचल के किसानो को चार गुणा मुआवजा दिलवाने में पहल करे। जबकि उतराखंड, बिहार व अन्य राज्य पहले ही चार गुणा मुआवजा दे रहे हैं। अन्यथा प्रदेश के प्रभावित किसान आने वाले दिनों में राज्य स्तर बैठक करके सयुंकत संघर्ष चलाने पर मजबूर हो जायेंगे I