प्रधानमंत्री के “मन की बात” के अनुसार भूमिअधिग्रहण कानून 2013 व बीजेपी घोषणापत्र के अनुसार भूमि का चार गुना मुआबजा लागु करे जयराम सरकार : भूमि अधिग्रहण प्रभावित्त मंच

शिमला
भूमि अधिग्रहण प्रभाबित मंच के अध्यक्ष बी आर कोंडल व सयोंजक जोगिन्दर वालिया ने 27 दिसम्बर, 2021 कों प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के मंडी (छोटी काशी) आगमन पर स्वागत की बात कहते हुए मांग कि वे मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर कों आपके द्वारा की गई “मन कि बात” में भूमिअधिग्रहण कानून 2013 कों लागु करने व अपने घोषणापत्र के अनुसार भूमि का चार गुना मुआबजा देने की बात कों पूरा करने की सौगात देकर जाएं।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याओं से किसान बुरी तरह से जूझ रहे है। हिमाचल की जयराम सरकार अभी तक चार साल से किसानों के पक्ष में कोई फैसला नहीं ले पाई है और कोड़ियो के भाव जमीन लेकर किसानों कों बर्बाद करने पर तुली हुई है। भूमिअधिग्रहण कानून को लागु न कर मूकदर्शक बनी हुई है। जिस कारण हिमाचल सरकार को पिछली बार उप चुनाब में 4 सीटों पर जो हार मिली है , उस में भूमिअधिग्रहण प्रभावित जनता का बहुत बड़ा कारण रहा है और अगर सरकार अपनी जिद्द पर अड्डी रही तो 2022 में इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहे ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले ही “मन कि बात” में पूरे देश को भूमिअधिग्रहण पर आश्वासन दे चुके हैं और अन्य कई राज्य (उत्तराखंड, झारखंड) चार गुना मुआबजादे रहे हे लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार क्यों प्रधानमंत्री के आश्वासन के विपरीत चल रही है, हालाँकि भारतीय जनता पार्टी ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में चार साल पहले यह वादा किया था कि यदि वे सत्ता में आएंगे तो हिमाचल प्रदेश में चार गुना मुआवजा अर्थात फेक्टर- 2 (चार गुणा) के अनुसार भूमि व मकान का मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन 4 साल बीत चुके हैं, अभी तक हिमाचल सरकार इस बारे में चुप है । अब प्रधानमंत्री के आगमन से हमें उम्मीद जगी है और हमें विश्वास है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को इस प्रकार का मंत्र कान में फूंक कर जाएंगे जिसमें किसानों की समस्यों का निदान किया जा सके ।