पेयजल अनियमितता पर सीपीआईएम का उपायुक्त कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन, सरकार से SJPN के साथ हुए MOU को रद्द कर जल वितरण का कार्य MC को सौंपे जाने की उठाई मांग

शिमला
भरी बरसात में प्यासी राजधानी में बुधवार को सीपीआईएम ने पानी की नियमित सप्लाई न होने के विरोध में नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा ।
सीपीआईएम ने रोष प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार देश मे आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रही है तो दूसरी तरफ 75 साल में जनता को पानी जैसी प्राथमिक जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सका है ऐसे में आजादी के कोई मायने नहीं रह जाते।
सीपीआईएम ने कहा कि शिमला में जबसे पानी का निजीकरण करके शिमला जल प्रबंधन कम्पनी को दिया गया है तब से शिमला में पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। पानी के रेट हर साल 10% बढ़ाए जाते है परंतु पानी सुचारू रूप से नही दिया जाता। शिमला जल प्रबंधन कम्पनी शहर में सुचारू रूप से पानी देने में पूरी तरह असफल रही है सीपीआईएम ने सरकार से जल प्रबन्धन कम्पनी के साथ हुए MOU को रद किए जाने की मांग उठाई।
शहर में अधिकतर पुरानी पाइपें फटी होने से पानी बर्बाद हो रहा है। मार्च 2017 में तत्कालीन नगरनिगम ने 950 करोड़ से कोलडैम से शिमला को पानी लाने की योजना को मंजूरी दी थी । लेकिन पांच साल बीत जाने पर इस योजना पूरा करने का प्रयास तक नहीं किया गया योजना फाइलों में ही भटक रही है। सीपीआईएम नेताओं ने कहा कि सरकार अखबारों में बयान देती है कि 24 घण्टे पानी दिया जाएगा सिर्फ अखबारों में 24 घण्टे पानी आता है नलके में तो पांच दिन बाद पानी आता है, भाजपा सरकार को जनता की समस्या से कोई लेना देना नहीं । सरकार तो उदघाटनो व रैलियों में व्यस्त है।
शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है घरों से कूड़ा 2-3 दिन बाद उठाया जाता है नगर निगम पूरे महीने के पैसे वसूल करती है। सार्बजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था बदतर है।माल रोड पर लम्बे समय से शौचालय बन्द पड़ा है जिससे पर्यटकों व स्थानीय जनता को असुविधा हो रही है। प्रदर्शन में जगत राम विनोद , बालक राम, हिमी , सोनिया, किशोरी, सत्यवान, राकेश ,विजेन्दर ,जगमोहन आदि सदस्यों।ने भाग लिया। बाद में नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया गया और मांग की गई कि शिमला शहर में रोज सभी वार्डो में समान रूप से पानी दिया जाय। सरकार SJPN के साथ के MOU को रद्द कर जल वितरण का कार्य नगरनिगम द्वारा किया जाए। कोल डैम से शिमला को पानी लाने किं योजना को तुरंत पूरा किया जाए। शहर में घरों से रोज कूड़ा उठाया जाए। शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने की मांग की ।