नोफल संस्था ने मसीहा बनकर बचाई दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी सवार की जान, पहुंचाया अस्पताल

शिमला
राजधानी शिमला के कच्ची घाटी में एक स्कूटी के स्किड हो जाने के चलते पोलियोग्रस्त घायल स्कूटी सवार के लिए नोफल संस्था के कारिंदे उस समय मसीहा बनकर आए, जब कोई भी शख्स उसकी सहायता करने के लिए तैयार नही था।
शहर के कच्चिघाटी में शाम के समय एक स्कूटी सवार सड़क पर फिसलने के चलते अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया । मौके पर कोई सहायता नहीं मिल पाने के चलते घायल की जान पर बनी हुई थी । जानकारी के मुताबिक घायल को मौके पर न पुलिस और न ही 108 एम्बुलेंस को बुलाने पर भी, उसे किसी भी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिल पाई । ऐसे में स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से मिली दुर्घटना की सूचना पर नोफल संस्था अध्यक्ष गुरमीत सिंह व उनकी टीम ने मौके पर पहुंच कर घायल को न केवल एम्बुलेंस सुविधा पहुंचाई बल्कि दर्द झेलते घायल को इलाज के लिए आइजीएमसी पहुंचाकर उसकी जान बचाई।
पेट, छाती में चोट और फ्रेक्चर हुई बाजू में दर्द से कराहते एक घायल जो अनजान था जिसका कोई नाम पता मालूम न होने के बावजूद भी संस्था की टीम ने उसकी आर्थिक सहायता के साथ उसकी हरसंभव मदद की ।
नोफल संस्था संस्थापक गुरमीत सिंह का कहना है कि किसी भी जरूरतमंद के लिए जितना अच्छा हो सके उतना अच्छा करना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य रहा है ।
गुरमीत सिंह ने कहा कि आने वाले समय में भी अगर किसी मरीज को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या अन्य प्रकार की सहायता की जरूरत हुई तो नोफल एक उम्मीद संस्था की टीम उनकी पूरी सहायता करेगी ।
उधर बालूगंज पुलिस स्टेशन में तैनात महिला एएसआई ने बताया कि नेपाली मूल के स्कूटी सवार कच्ची घाटी के समीप मोड़ पर स्किड हो जाने के चलते अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की सूचना मिली और अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जानकर मामले की जानकारी ली । उन्होंने संस्था की सजगता और घायल की मदद के लिए किए गए संस्था के प्रयासों की सराहना की ।